हमारा रक्त’ Poem on Partition
हमारा रक्त‘ यह इधर बहा मेरे भाई का रक्त वह उधर रहा उतना ही लाल तुम्हारी एक बहिन का रक्त! बह गया, मिलीं दोनों धारा जा कर मिट्टी में हुईं एक पर धरा न...
हमारा रक्त‘ यह इधर बहा मेरे भाई का रक्त वह उधर रहा उतना ही लाल तुम्हारी एक बहिन का रक्त! बह गया, मिलीं दोनों धारा जा कर मिट्टी में हुईं एक पर धरा न...
आदमी मरने के बाद कुछ नहीं सोचता। आदमी मरने के बाद कुछ नहीं बोलता। कुछ नहीं सोचने और कुछ नहीं बोलने पर आदमी मर जाता है। – उदय प्रकाश ...
हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था व्यक्ति को मैं नहीं जानता था हताशा को जानता था इसलिए मैं उस व्यक्ति के पास गया मैंने हाथ बढ़ाया मेरा हाथ पकड़कर वह खड़ा हुआ मुझे...
बसंती हवा Spring Wind हवा हूँ, हवा मैं I am the wind बसंती हवा हूँ। I am spring wind सुनो बात मेरी – ...
दुनिया की चिन्ता world’s worry छोटी सी दुनिया small world बड़े-बड़े इलाके ...
फटे जूते-सी Similar to torn shoes ज़िन्दगी सीने के लिए ...
https://www.sarita.in/poem/hindi-kavita-darwaza दरवाज़ा घर बहुत बड़ा था लेकिन दरवाज़ा बहुत छोटा धूप, हवा, बारिश सब का आना था मना घर में रहते थे बस चंद लोग एकदम अपरिचित जैसे रेलगाड़ी के किसी डब्बे...
आना आना जब समय मिले जब समय न मिले तब भी आना आना जैसे हाथों में आता है जाँगर (bodily energy) जैसे धमनियों (artery) में आता है रक्त (blood) जैसे चूल्हों (stove) में...