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रोटी और संसद     A poem – एक कविता 0

रोटी और संसद A poem – एक कविता

रोटी और संसद एक आदमी रोटी बेलता (role-out) है एक आदमी रोटी खाता है एक तीसरा आदमी भी है जो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता है वह सिर्फ़ रोटी से खेलता है...