Tagged: Easy Hindi poem

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4. Asking about Daily Routine

Role-Play: Daily Routine Conversation I :  अरे यार!  कैसी हो?                  (Arey yaar! how are you?) Friend:   मैं ठीक हूँ। तुम सुनाओ           ...

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हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था

हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था व्यक्ति को मैं नहीं जानता था हताशा को जानता था इसलिए मैं उस व्यक्ति के पास गया मैंने हाथ बढ़ाया मेरा हाथ पकड़कर वह खड़ा हुआ मुझे...

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कभी टल नहीं सकता (कविता – कुँवर नारायण)

मैं चलते-चलते इतना थक गया हूँ, चल नहीं  सकता।            मगर मैं सूर्य हूँ, संध्या से पहले ढल नहीं सकता कोई जब रोशनी देगा, तभी हो पाऊँगा  रोशन मैं मिट्टी...