Category: Hindi Story

0

मेरा घर

मेरा घर मेरा घर बहुत छोटा है लेकिन उसमें पाँच लोग रहते हैं मुझे अपना घर बहुत पसंद है। मेरे पापा, मम्मी, बहन और दादी हैं। मेरे घर में दो कमरे हैं और एक...

Neela ka parivaar 👨‍👩‍👦‍👦 0

Neela ka parivaar 👨‍👩‍👦‍👦

नीला का परिवार नीला मुंबई में रहती है। उसके परिवार में दादी-दादा, मम्मी-पापा और छोटा भाई मनीष है। उसका घर बहुत छोटा है। घर में दो कमरे हैं और एक छोटी रसोई है। नीला...

पीला फूल 0

पीला फूल

पीला फूल एक बार एक बगीचे में बहुत सुन्दर फूल खिले थे। सभी फूलों से बहुत अच्छी महक आ रही थी। मौसम बहुत सुन्दर था, हल्की-हल्की धूप थी और हवा चल रही थी। पेड़ों...

रोटी और संसद     A poem – एक कविता 0

रोटी और संसद A poem – एक कविता

रोटी और संसद एक आदमी रोटी बेलता (role-out) है एक आदमी रोटी खाता है एक तीसरा आदमी भी है जो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता है वह सिर्फ़ रोटी से खेलता है...

0

जाना – केदारनाथ सिंह poem- Jaana

मैं जा रही हूँ – उसने कहा जाओ – मैंने उत्तर (answer) दिया यह जानते हुए कि जाना हिंदी की सबसे खौफनाक (dreadful) क्रिया (verb) है. केदारनाथ सिंह

आना-केदारनाथ सिंह      Aanaa poem by Kedarnath Singh 0

आना-केदारनाथ सिंह Aanaa poem by Kedarnath Singh

  आना आना जब समय मिले जब समय न मिले तब भी आना आना जैसे हाथों में आता है जाँगर (bodily energy) जैसे धमनियों (artery) में आता है रक्त (blood) जैसे चूल्हों (stove) में...